Wednesday, April 9, 2014

कोशिश करे तो आपका कोई अंत नहीं

एक बार एक बहुत ही ऊँचे पहाड़ पर एक बाज़ का घोंसला था. और उसमे बहुत बड़े बड़े 4 अंडे थे. जिनमे से कुछ ही दिनों में बच्चे निकलने वाले थे.

तभी एक दिन अचानक से पहाड़ की चट्टानें भूकंप से हिलने लगी. और घोंसले में से एक अंडा नीचे लुढ़क गया. और नीचे रहने वाले एक किसान के मुर्गियों के बिच चला गया.

उस अंडे को देख उन सभी मुर्गियों को बहुत ही हैरानी हुई. उन्हें ज्यादा कुछ समझ नहीं आया. पर फिर भी उन्होंने उस अंडे को बचाने का बीड़ा उठाया. और कुछ ही दिनों में उसमे से एक छोटा सा बाज़ का बच्चा निकला.

मुर्गियों ने उस बाज़ के बच्चे को मुर्गियों की तरह ही पाला. और अपने साथ रखा. धीरे धीरे समय बीता और बाज़ बड़ा हो गया. उसे अपने परिवार के साथ अच्छा तो लगता था. पर कुछ ख़ाली सा लगता था.

एक दिन उसने आसमान में कुछ दुसरे बाजों को उड़ते हुए देखा. और उसके मन में एक लहर दौड़ उठी. वो सोचने लगा की काश वो भी उन पंछियों की तरह आकाश में उड़ पाता. पर उसकी ऐसी सोच पर मुर्गियों ने उसका मजाक उड़ाया और कहा, “ तुम एक मुर्गी हो, तुम इतनी ऊपर नहीं उड़ सकते. बेकार के सपने देखना बंद करो.”

ऐसा कई बार हुआ. बाज़ उड़ने की बात करता और मुर्गिया उसका हौसला बिगाड़ देती.

आखिर बाज़ ने उड़ने का सपना छोड़ दिया. और एक साधारण सी मुर्गी का जीवन व्यापन करने लगा.

उसे अपनी शक्ति का भी एहसास नहीं था. और न ही कभी हुआ. क्योंकि उसके साथी उसे कभी वो करने ही नहीं देते थे जो वो करना चाहता था.

पर गलती क्या मुर्गियों की थी? नहीं. उन्हें तो लगता था की बाज भी एक मुर्गी ही है. और उसकी अपनी सीमाय. तो क्या गलती बाज की थी? नहीं ऐसा भी नहीं है. पर ये बात जरुर है की वो चाहता तो उड़ने की कोशसिह कर सकता था. अपने अन्दर के विश्वास से.

वो अपने सपने पुरे कर सकता था. जो उसने नहीं किया.

और अंत में उसकी मृत्यु एक मुर्गी की तरह हो गयी.

कहानी का आशय बस इतना है. हर व्यक्ति की अपनी सीमाय होती है. जो या तो हालात बनाते है या व्यक्ति खुद बना सकता है.
हमें लोग पीछे हटने को इसलिए कहते है क्योंकि जहां उनकी सीमाय खत्म हो जाती है. उन्हें लगता है दूसरों के सपनो का भी वही अंत है.
वे अपनी जगह सही है. वो उससे आगे नहीं बढ़ सकते. क्योंकि उन्हें उसके आगे नहीं जाना है. वो उनकी इच्छा उनकी सोच है.

पर अगर आप कोशिश करे तो आपका कोई अंत नहीं. बस ऊँची उड़ान भरिये.

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